1 मार्च 2026 से देश में डिजिटल भुगतान और UPI (Unified Payments Interface) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो रहे हैं। यह बदलाव मुख्य रूप से डिजिटल लेन-देन को और सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के मकसद से किए गए हैं। इन नए नियमों का सीधा असर उन सभी लोगों पर पड़ेगा जो रोज़ाना मोबाइल से भुगतान करते हैं या बड़े ट्रांज़ैक्शनों के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं।
UPI भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है और देश भर के लाखों लोग इसका इस्तेमाल रोज़ाना बिल भुगतान, खरीद-फरोख्त और बैंक ट्रांसफर के लिए करते हैं. 1 मार्च से लागू होने वाले बदलावों को नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लाया गया है, ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी और फ्रॉड से उपयोगकर्ताओं की रक्षा की जा सके.
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UPI में सुरक्षा उपाय सख्त — बायोमेट्रिक और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन
सबसे बड़ा बदलाव UPI लेन-देन की सुरक्षा से जुड़ा है। अब बड़े मूल्य के लेन-देन के लिए सिर्फ UPI PIN का प्रयोग करना पर्याप्त नहीं माना जाएगा. बैंकों और UPI एप को यह अधिकार दिया गया है कि वे बायोमेट्रिक (जैसे फेस या फिंगरप्रिंट) या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू कर सकते हैं. इससे धोखाधड़ी के जोखिम में कमी आने की उम्मीद है और उपयोगकर्ताओं के खाते और फंड्स की सुरक्षा पहले से मजबूत होगी.
यानी अगर आप बड़ी रकम भेजते हैं, तो अब आपके फोन या बैंक ऐप में अतिरिक्त सुरक्षा चरण भी पूरा करना पड़ सकता है. यह कदम डिजिटल लेन-देन को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है, क्योंकि फ्रॉड और साइबर धोखाधड़ी के मामले पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हैं.
UPI NEW RULES क्या बदलेंगे — UPI उपयोग पर असर
UPI नियमों में होने वाले बदलावों का असर आम उपयोगकर्ताओं के दैनिक लेन-देन पर पड़ सकता है. कुछ प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
UPI लेन-देन सुरक्षा
बड़ी रकम को ट्रांसफर करने के लिए सिर्फ PIN पर्याप्त नहीं रहेगा. बायोमेट्रिक या अतिरिक्त सुरक्षित चरण की जरूरत हो सकती है, जिससे ऑनलाइन फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी.
UPI ऐप्स को अधिक जिम्मेदारी
UPI एप्लिकेशन्स को नए सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा, ताकि उपयोगकर्ता के डेटा और पैसे सुरक्षित रहे. NPCI और RBI इसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं.
उपयोगकर्ता अपडेट के लिए तैयार रहें
UPI उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अपने बैंक और भुगतान ऐप को अपडेट रखें ताकि नए नियमों के प्रभाव से कोई पेमेंट रुक न जाए.
बदलावों का व्यापक परिप्रेक्ष्य — डिजिटल इंडिया और सुरक्षा
UPI के नियमों में बदलाव केवल तकनीकी सुधार नहीं हैं, बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं. भारत में डिजिटल भुगतान बेहद तेजी से बढ़ा है और UPI अब 83% से अधिक डिजिटल भुगतान का हिस्सा है, जिससे इसके सिस्टम को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है.
NPCI और RBI का मानना है कि सुरक्षा उपायों को सख्त करने से उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी, फ़िशिंग और अनधिकृत लेन-देन से बचाया जा सकता है. नए नियम डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित रखने के साथ-साथ लोगों का भरोसा भी बनाए रखने में मदद करेंगे.
उपयोगकर्ताओं को क्या करना चाहिए?
नए नियम लागू होने से पहले आपको निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए:
- अपने UPI और बैंक ऐप को अपडेट करें ताकि नए सुरक्षा फीचर्स उपलब्ध हों.
- बायोमेट्रिक पहचान सेट करें जैसे चेहरे या उँगलियों का निशान, अगर आपका बैंक यह समर्थन करता है.
- बड़ी रकम के ट्रांज़ैक्शन से पहले सुरक्षा सेटिंग्स को समझें, ताकि भुगतान बिना रुकावट के हो सके.
अगर आप नियमित रूप से डिजिटल भुगतान करते हैं, तो इन बदलावों को अपनाने से आपका अनुभव और भी सुरक्षित रहेगा.
क्या यह बदलाव आपके लिए फायदेमंद हैं?
UPI नियमों में बदलाव का मकसद धोखाधड़ी को रोकना और उपयोगकर्ताओं के फंड्स की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. हालांकि कुछ उपयोगकर्ताओं को नए सुरक्षा चरणों के साथ एडजस्ट होने में समय लग सकता है, लेकिन इन नियमों से कुल मिलाकर डिजिटल पेमेंट का सुरक्षा स्तर बेहतर होगा और उपयोगकर्ता भरोसा बढ़ेगा.